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बोकरामुड़ा के आवास प्लस 2.0 की सूची पर सवाल, पात्रों को अपात्र, अपात्रों को पात्र करने का आरोप

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ग्राम सभा नहीं कराने का भी आरोप, ग्रामीणों ने कलेक्टर से की जांच और कार्रवाई की मांग

पृथक छत्तीसगढ़/सक्ती।

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत आवास प्लस 2.0 की पात्रता सूची को लेकर सक्ती जिले में विवाद खड़ा हो गया है। ग्राम पंचायत बोकरामुड़ा के ग्रामीणों ने कलेक्टर के नाम शिकायत देकर सरपंच और सचिव पर सूची तैयार करने में कथित अनियमितता का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का दावा है कि पात्र हितग्राहियों को अपात्र कर दिया गया, जबकि अपात्र लोगों के नाम सूची में शामिल किए गए हैं।
शिकायत के मुताबिक, 24 जून 2026 को ग्राम बोकरामुड़ा और कुधरीटार में विशेष ग्राम सभा आयोजित की जानी थी, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि निर्धारित तिथि पर ग्राम सभा का आयोजन ही नहीं किया गया। इससे आवास प्लस 2.0 की सूची को लेकर ग्रामीणों के बीच सवाल खड़े हो गए हैं।
एससी के 44 नाम अपात्र किए जाने का दावा
शिकायत में ग्रामीणों ने दावा किया है कि आवास योजना की सूची में अनुसूचित जनजाति वर्ग के 44 हितग्राहियों को अपात्र किया गया है। वहीं अनुसूचित जाति वर्ग के 4 और अन्य पिछड़ा वर्ग के 3 हितग्राहियों को भी अपात्र किए जाने की बात शिकायत में कही गई है।
ग्रामीणों का आरोप है कि सूची में हुई कथित गड़बड़ी का असर विशेष रूप से पात्र अनुसूचित जनजाति हितग्राहियों पर पड़ा है, जिन्हें योजना के लाभ से वंचित होने की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।

सार्वजनिक नहीं की गई सूची..?
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि पात्र और अपात्र हितग्राहियों की सूची को ग्राम पंचायत भवन अथवा किसी सार्वजनिक स्थान पर चस्पा नहीं किया गया, जिसके कारण ग्रामीणों को समय पर सूची की जानकारी नहीं मिल सकी।
पूरे मामले में ग्रामीणों ने कलेक्टर से आवास प्लस 2.0 की पात्रता सूची की निष्पक्ष जांच, पात्र हितग्राहियों के नामों की दोबारा समीक्षा, अपात्र लोगों को सूची से हटाने और कथित अनियमितता के लिए जिम्मेदार सरपंच एवं सचिव के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या आवास जैसी गरीब परिवारों से जुड़ी महत्वपूर्ण योजना की पात्रता सूची नियमों के मुताबिक ग्राम सभा के सामने रखी गई थी? यदि ग्रामीणों के आरोप सही हैं तो पात्र हितग्राहियों को योजना से बाहर करने की जिम्मेदारी किसकी है? शिकायत के बाद अब प्रशासनिक जांच में पूरे मामले की वास्तविकता सामने आने की उम्मीद है।