मेडिकल कॉलेज अस्पताल के जेल वार्ड से दो विचाराधीन कैदियों के फरार होने की बड़ी घटना ने पुलिस और जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला दिवाली की रात का है, जब दोनों कैदी तड़के 3 बजे सुरक्षाकर्मियों को चकमा देकर भाग निकले। फरार कैदियों की पहचान रितेश सारथी निवासी – आंधला, थाना लखनपुर,और पवन पाटिल निवासी – ग्राम जमडी, थाना झिलमिली के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, रितेश सारथी पास्को एक्ट (POCSO) के तहत और पवन पाटिल एनडीपीएस एक्ट (NDPS) के मामले में विचाराधीन बंदी थे। दोनों को स्वास्थ्य कारणों से अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज के जेल वार्ड में भर्ती कराया गया था। लेकिन दिवाली की रात, जब ज्यादातर स्टाफ आराम मोड में था, उसी दौरान दोनों कैदियों ने फिल्मी अंदाज़ में फरार होने की योजना को अंजाम दिया।
घटना की जानकारी मिलते ही जेल और पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। एसपी अंबिकापुर ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बंदियों की सुरक्षा में तैनात दो जेल प्रहरियों को निलंबित कर दिया है। एसपी कार्यालय से जारी आदेश में कहा गया है कि लापरवाही और सुरक्षा चूक को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एक महीने के भीतर यह दूसरी बड़ी फरारी की घटना है, जिससे जेल प्रबंधन की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। फिलहाल पुलिस ने दोनों फरार कैदियों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है। शहर से लेकर आसपास के इलाकों में नाकाबंदी की गई है और पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही है।