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सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाएँ बनीं भरोसे की मजबूत कड़ी, समय पर भुगतान और पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम….

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रायपुर: राज्य में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाएँ जरूरतमंद वर्ग के लिए सशक्त सहारा बनकर उभर रही हैं। वृद्धजनों, दिव्यांगजनों एवं निराश्रित महिलाओं को आर्थिक संबल प्रदान करने के उद्देश्य से संचालित ये योजनाएँ न केवल जीवन-यापन में सहूलियत दे रही हैं, बल्कि समाज में सम्मानजनक जीवन जीने का आधार भी सुनिश्चित कर रही हैं।

प्रदेश में वर्तमान में कुल 6 पेंशन योजनाएँ प्रभावी रूप से संचालित हैं, जिनमें 3 राज्य योजनाएँ एवं 3 केंद्र प्रवर्तित योजनाएँ शामिल हैं। राज्य सरकार द्वारा संचालित सामाजिक सुरक्षा पेंशन, सुखद सहारा एवं मुख्यमंत्री पेंशन योजना के अंतर्गत मार्च 2026 तक सभी पात्र हितग्राहियों को भुगतान सफलतापूर्वक किया जा चुका है। इससे लाखों परिवारों को समय पर आर्थिक सहायता प्राप्त हुई है, जो उनके दैनिक जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

केंद्र प्रवर्तित योजनाओं के अंतर्गत भी भुगतान की प्रक्रिया सुव्यवस्थित रूप से संचालित की गई है। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन एवं दिव्यांग पेंशन योजनाओं में दिसंबर 2025 तक तथा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना में जनवरी 2026 तक भुगतान पूर्ण कर लिया गया है। यह दर्शाता है कि राज्य स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन में निरंतरता और गंभीरता बनी हुई है।

पेंशन वितरण प्रणाली को और अधिक पारदर्शी, जवाबदेह एवं तकनीकी रूप से सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा नई तकनीकी प्रणाली एसएनए–स्पर्श (SNA-SPARSH) लागू की गई है। इस आधुनिक प्रणाली के माध्यम से भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी तथा हितग्राहियों को सीधे लाभ सुनिश्चित होगा। हालांकि, नई प्रणाली में संक्रमण के चलते केंद्र प्रवर्तित योजनाओं के कुछ भुगतान वर्तमान में लंबित हैं।नई व्यवस्था के तहत अब भुगतान भारत सरकार से मदर सैंक्शन प्राप्त होने के बाद ही किया जा सकेगा। विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जैसे ही मदर सैंक्शन प्राप्त होगा, सभी लंबित भुगतान एरियर सहित प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र जारी कर दिए जाएंगे।

राज्य सरकार सामाजिक सुरक्षा के प्रति पूरी तरह संवेदनशील और प्रतिबद्ध है। योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, समयबद्ध भुगतान एवं तकनीकी नवाचार के माध्यम से प्रदेश में एक मजबूत, पारदर्शी और हितग्राही-केंद्रित सामाजिक सुरक्षा तंत्र स्थापित किया जा रहा है।