Home Health जिला अस्पताल में करोड़ों की सरकारी दवाइयाँ एक्सपायर, जिम्मेदारी तय करने से...

जिला अस्पताल में करोड़ों की सरकारी दवाइयाँ एक्सपायर, जिम्मेदारी तय करने से क्यौ बच रही सीएमएचओ

69
0
Spread the love

 

  • क्या हुई लापरवाही या हुआ भ्रष्टाचार..?
  • स्वास्थ्य विभाग की मनमानी से करोड़ों का नुकसान..?
  • नोटिस और कार्रवाई के सवालों पर जिम्मेदार अधिकारी का गोल-मोल जवाब..?

शेख मुबारक @ पृथक छत्तीसगढ़/सक्ती।

जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला एक बड़ा मामला शनिवार को सामने आया था। जिला अस्पताल के स्टोर रूम में करोड़ों रुपए की सरकारी दवाइयाँ एक्सपायर होकर सड़ चुकी हैं। ये वही दवाइयाँ थीं जिन्हें ग्रामीण इलाकों के गरीब मरीजों तक पहुँचाया जाना था। सरकार ने इन्हें ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत खरीदा था ताकि गाँव-गाँव के मरीजों को समय पर मुफ़्त इलाज मिल सके। लेकिन हुआ ठीक इसका उल्टा – गरीब मरीज अस्पतालों में दवा के लिए भटकते रहे। वहीं सरकारी स्टोर में दवाइयाँ सालों तक पड़ी रहीं। और अंत में लापरवाही से एक्सपायर होकर कबाड़ में बदल गईं।

 

भ्रष्टाचार और लापरवाही का खुला खेल

इस बर्बादी की सबसे बड़ी वजह जिला अस्पताल प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग की घोर लापरवाही मानी जा रही है। करोड़ों की दवाइयाँ समय पर वितरण नहीं की गईं। स्टोर किपर और विभागीय अफसरों ने न तो इसकी निगरानी की और न ही दवाओं के उपयोग को सुनिश्चित किया। परिणाम यह हुआ कि सरकार की करोड़ों की राशि पानी में बह गई और जनता के स्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ हुआ।

 

सीएमएचओ की चुप्पी – और बढ़ते सवाल

इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिला स्टोर रूम में करोड़ो की सरकारी दवाइयाँ एक्सपायर मिली जिसे बाहर निकाला गया है वहीं प्रभारी सीएमएचओ डॉ. पूजा अग्रवाल अब तक पूरी तरह चुप हैं। न तो उन्होंने किसी जिम्मेदार की जवाबदेही तय की, न ही जांच कमेटी गठित की। जब प्रभारी सीएमएचओ डॉ. पूजा अग्रवाल से इस पूरे मामले पर जवाब मांगा गया तो वे जिम्मेदारी तय करने और नोटिस जारी करने के सवाल पर गोल-मोल जवाब देती नजर आईं। स्पष्ट जवाब न देकर उनकी चुप्पी ने विभागीय मिलीभगत और ढिलाई पर और गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

 

यह सवाल अब पूरे जिले की जनता पूछ रही है –
क्या स्वास्थ्य विभाग इस बर्बादी पर लीपापोती कर रहा है..?
कैसे करोड़ों की सरकारी दवाइयाँ कबाड़ में सड़ गईं..?
क्या भ्रष्टाचार और लापरवाही को छुपाने की कोशिश की जा रही है..?
जिम्मेदार अफसर कार्रवाई से क्यौ बच रहे हैं..?

जनता के टेक्स के पैसे से खिलवाड़ और धोखा..?

यह महज लापरवाही नहीं, बल्कि गरीब और जरूरतमंद मरीजों के साथ सीधा धोखा है। एक ओर जहाँ मरीज दवाइयों के अभाव में परेशान होते रहे, साथ ही अपने जेब ढिली कर लाखों खर्च करते रहे। वहीं दूसरी ओर लाखों-करोड़ों की सरकारी राशि भ्रष्टाचार और अफसरों की मनमानी की भेंट चढ़ गई।

जवाबदेही से बचती अधिकारी

प्रभारी सीएमएचओ डॉ. पूजा अग्रवाल जब मीडिया के सवालों के घेरे में आईं, तो उन्होंने कोई ठोस जवाब नहीं दिया। गोल-मोल जवाब देकर वे असली जिम्मेदारी से बचती नजर आईं।

 

सीधी बात – सीधा सवाल

सवाल –  जिला स्टोर रूम से बड़ी मात्रा में एक्सपायरी दवाइयां, कीट, और अन्य सामग्री निकली है, किसकी लापरवाही है क्या इस मामले में जांच टीम गठित की गई है क्या –

जवाब –  हमारे हॉस्पिटल में सफाई अभियान चलाया गया था कि सब तरफ हम लोग सफाई कर रहे थे उसमें स्टोर का भी सफाई कराया गया, जिसमे की कुछ-कुछ दवाइयां एक्सपायरी की निकली है, हम लोग उसका प्रॉपर तरीके से निदान कराएंगे, बीएमडब्ल्यू के थ्रु।

सवाल –  कितनी एक्सपायरी दवाइयां और अन्य सामग्री एक्सपायरी निकली हैं

जवाब –  हम अभी विवरण नहीं दे पाएंगे कि कितनी दवाइयां और अन्य सामग्री एक्सपायरी में निकली है।

सवाल –  किसकी लापरवाही से दवाइयां एक्सपायरी हुई है।

जवाब – मै अभी कुछ नहीं बोल पाऊंगी कि किसकी लापरवाही से हुई है ये लापरवाही की नहीं है क्योंकि ये एक प्रकार से दवाइयों को पृथक किया गया है, जिला अस्पताल में सफाई और मरीजों की स्वास्थ्य को लेकर ध्यान दें रहे। हम लोग आगे से दवाइयों का एक्सपायरी चेक करते रहेंगे।

सवाल –  क्या जांच टीम गठित की जाएगी।

जवाब – हां जरूर ऐसा कुछ होता हैं तो हम लोग देखेंगे किसकी जिम्मेदारी है उसमें।