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देवरी जलाशय गेट, गूंजी नहर निर्माण में भ्रष्टाचार, ठेकेदार और एसडीओ की मिलीभगत..?

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घटिया निर्माण सामग्री से सरकारी पैसे की बर्बादी..?

पृथक छत्तीसगढ़/सक्ती । 

जिले के देवरी जलाशय गेट का निर्माण भ्रष्टाचार और लापरवाही के अंधेरे में डूबा हुआ है। ठेकेदार पर आरोप हैं कि उसने लगभग 1 करोड़ 79 लाख 42 हजार 880 रुपए के कार्य में जानबूझकर घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल किया, ताकि वह सरकारी पैसे का दुरुपयोग कर सके और अपनी जेब भर सके। इससे यह सवाल उठता है कि क्या प्रशासन ने जान-बूझकर इस घोटाले को नज़रअंदाज़ कर रहा है..?
कई महीनों से चले इस निर्माण कार्य में अब तक स्थानीय लोग और विशेषज्ञ यह दावा कर चुके हैं कि इस निर्माण में गुणवत्ता की बिल्कुल भी परवाह नहीं की गई। इसके परिणाम स्वरूप, यह जलाशय भविष्य में किसी बड़ी आपदा का कारण बन सकता है। और प्रशासन की चुप्पी इसे और भी संदिग्ध बना देती है। ठेकेदार पर यह आरोप लगाया जा रहा है कि उसने निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया और लागत कम करने के लिए सुरक्षा मानकों का उल्लंघन किया। क्या ठेकेदार ने जानबूझकर इतना घटिया काम किया ताकि सरकारी धन का इस भ्रष्ट तरीके से दुरुपयोग किया जा सके..?

 

20 दिनों पूर्व हुए जांच, पर कार्रवाई शून्य..?

जिला कलेक्टर द्वारा गठित विशेष जांच टीम की रिपोर्ट अब तक सामने नहीं आई है। 20 दिन बीतने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई या रिपोर्ट क्यों नहीं आई..? क्या यह मामला दबाने की एक सोची-समझी कोशिश है..? क्या अधिकारियों ने इसे इसलिए लंबा खींचा ताकि ठेकेदार और प्रशासन के बीच किसी प्रकार का समझौता किया जा सके..?

ठेकेदार एसडीओ की मिलीभगत और भ्रष्टाचार..?

सूत्रों का कहना है कि ठेकेदार और एसडीओ के बीच मिलकर यह काम किया गया है, ताकि दोनों पक्षों को फायदा हो सके। क्या ये आरोप सही हैं..? क्या अधिकारियों और ठेकेदार ने मिलकर सरकारी धन को अपनी निजी संपत्ति बनाने का प्लान बना लिया है..? इसको लेकर स्थानीय लोग अब बुरी तरह से गुस्से में हैं। उन्हें यह महसूस हो रहा है कि उनका विश्वास सिस्टम से उठ चुका है। नागरिकों का कहना है कि “हमारी सुरक्षा से खिलवाड़ हो रहा है”, और वे दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि एसडीओ और ठेकेदार की मिलीभगत के कारण इस पूरे मामले में भ्रष्टाचार और लापरवाही का आलम है। “हमें हमारे ही पैसों से धोखा दिया जा रहा है। जलाशय में घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल किया गया है, और अब यह हमें किसी बड़ी दुर्घटना का शिकार बना सकता है,” एक स्थानीय नागरिक ने कहा।

यह मामला सिर्फ एक निर्माण की लापरवाही तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शासन और प्रशासन में घुस चुके भ्रष्टाचार का गहरा संकेत है। जब जनता की सुरक्षा को खतरे में डाला जा रहा हो और जिम्मेदार अधिकारियों पर मिलीभगत के आरोप लग रहे हों, तो यह किसी बड़े घोटाले का हिस्सा हो सकता है। अब यह देखना होगा कि क्या प्रशासन अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए इस भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाता है, या फिर इसे और भी दबा दिया जाएगा। क्या अब भी यह सिस्टम और प्रशासन जनता के विश्वास को तोड़ने का काम करेगा..?

 

सक्ती जिले में नहर निर्माण में घोटाला..? टूटी नहर, गिरी मिट्टी, अफसरो ने किया निरीक्षण

छत्तीसगढ़ सरकार जहां एक ओर किसानों को भरपूर पानी देने के लिए करोड़ों की लागत से नहरें बना रही है, वहीं दूसरी ओर सक्ती जिले में व्यपवर्तन नहर निर्माण में बड़े पैमाने पर लापरवाही और घटिया निर्माण सामने आया है। करीब 2400 मीटर लंबी गुंजी व्यपवर्तन नहर का निर्माण कार्य अभी पूरा भी नहीं हुआ है और नहर की परतें उखड़ने लगी हैं। घटिया निर्माण की शिकायत मिलने पर अपर कलेक्टर एस.के. पैकरा सहित कई अधिकारी मौके पर पहुंचे और नहर निर्माण का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई जगह खुदाई कराई गई और शिकायतें सही पाई गईं..?

अधिकारियों ने नहर में गिरी हुई मिट्टी को तत्काल हटाने और निर्माण को सुधारने के निर्देश दिए हैं। वहीं, घटिया निर्माण को लेकर ठेकेदार पर कार्यवाही की तैयारी की बात कही गई थी परंतु 20 दिन बाद भी कार्रवाई शून्य है..? “सरकारी योजनाओं को पलीता लगाने वाले ऐसे ठेकेदारों पर अगर समय रहते कार्रवाई न हुई, तो इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा किसानों को। देखना होगा कि जांच के बाद दोषियों पर कब तक और कैसी कार्रवाई होती है।”

 

इस पूरे जांच और भ्रष्टाचार के लगे आरोपों में हमने देवांगन एसडीओ से उनके मो. न 9826129416 पर संपर्क कर पक्ष जानना चाहे पर उन्होंने फोन उठाकर जवाब देना जरूरी नहीं समझा।