- पान की गुमटी से लेकर बंद कमरों तक सक्ती में फैला सट्टा साम्राज्य
- आईपीएल के दौरान पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बनेंगे सटोरिए..?
शेख मुबारक
पृथक छत्तीसगढ़/सक्ती।
आईपीएल (इंडियन प्रीमियर लीग) की शुरुआत 22 मार्च यानि आज से हो रही है, दो माह तक चलने वाले क्रिकेट के इस महाकुंभ में जिले में ऑनलाइन व ऑफलाइन सट्टेबाजी का बाजार काफी गर्म रहेगा। सूत्रों के अनुसार अनुमान लगाया जा रहा है कि रोजाना एक मैच पर पच्चास से सत्तर करोड़ से अधिक की रकम दाव पर लग सकती है। सूत्रों के अनुसार शहर में ऑनलाइन सट्टेबाजी के लिए तीन दर्जन से अधिक बुकी के पास अलग- अलग सट्टेबाजी एप का मास्टर आइडी है। चाय की टपरी से लेकर पान की गुमटी तक युवाओं में आईपीएल को लेकर गजब का क्रेज देखा जा रहा है। 22 मार्च से 25 मई तक चलने वाले आईपीएल में ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुआ एक बार फिर से क्या सक्ती में अपने चरम पर पहुंच जाएगा।
पहले से अधिक हाइटेक हो गए सट्टेबाज..?
पहले सट्टेबाज सट्टे की पर्ची देते थे, लेकिन अब वे भी पहले से अधिक हाइटेक हो गए हैं, वे अब मोबाइल,लैपटॉप, वाट्सअप, इंस्टाग्राम से सट्टे के नंबर लगाने के साथ ही ऑनलाइन सट्टा लगावा रहे हैं। साथ ही सट्टा लगाने वालों को पर्ची देना भी अब बंद कर दिया है, सीधा सोशल मीडिया पर ही नंबर लिख रहे हैं, ताकि पुलिस की पकड़ में न आएं, इसके साथ ही अन्य नई तकनीक से सट्टा खिलाया जा रहा है। सक्ती में बैठे सटोरिए छोटे-छोटे कस्बों से लेकर बड़े शहरों में अपनी लाइन्स देते हैं। ये लाइन्स विशेष आइडी व पासवर्ड से खुलती हैं। सक्ती में बैठे सटोरिए नए तरीकों के एप व विशेष वेबसाइटों से इस कारोबार को संचालित करने में लग गए है। यहां की आईडी की पहुंच अन्य प्रदेशों तक भी है।
सक्ती के सटोरियों ने बनाया नया आशियाना..?
सक्ती जिला बनने के बाद सटोरियों ने सक्ती जिला मुख्यालय को छोड़ अपना नया आशियाना सक्ती बॉर्डर के एक छाटे से गांव में बनाया है। जहां आईपीएल के लिए छत्तीसगढ़ सहित अन्य प्रदेशों में भी विशेष आइडी व पासवर्ड बाटी गई है। आईपीएल के दौरान सट्टे के काले कारोबार में लोग अलग-अलग तरीके से लोग अपनी किस्मत आजमाते नजर आते हैं। क्या सक्ती पुलिस एक बार फिर आईपीएल के दौरन सटोरियों पर नजर रख कर कार्रवाई करती दिखेगी..?
लेनदेन के बदलते रहते हैं ठिकाने, खातों में भी होता है पैसा ट्रांसफर
सट्टा खेलने वाले लोग पहले पर्ची पर नंबर लिखते थे, अब सिस्टम बदल गया है। अब व्हाट्सअप, इंस्टाग्राम पर पर्ची की फोटो भेज कर दांव लगाने की भी व्यवस्था है। यहीं नहीं, पुराने ग्राहक कॉल करके नंबर बताकर दांव लगा देते हैं। नए ग्राहकों से सटोरिये या उसके एजेंट तय जगह पर बुलाकर पर्ची और रुपये लेते हैं। नंबर लगने पर सटोरिये की ओर से तय की गई जगह पर पहुंचकर रकम लेनी होती है। वही अब ग्रामीणों को धोखे में रख कर या फिर कुछ रुपयों का लालच देकर भी ग्रामीण युवाओं, अनपढ़ महिलाओं के नाम बैंक एकाउंट खुलवाकर पासबुक, एटीएम सहित चेक बुक भी सटोरिए रख लेते है जिसमें करोड़ों का लेनदेन होता है। ऐसे पिछले कई उदाहरण सक्ती जिले के ग्रामीण इलाकों से सामने आ चुका है।
सक्ती में फैला सट्टा साम्राज्य..?
सट्टा अपराध की दुनिया का व्हाइट कॉलर क्राइम माना जाता है, जिसे कॉमन आदमी से लेकर सट्टेबाज अपना लक अजमाने के लिए एक गेम की तरह खेलते हैं। सट्टा नवीन जिला सक्ती के हर कोने में खेला जाता है। फिर चाहे वह आईपीएल मैच हो या फिर शेयर बाजार का सूचकांक सेंसेक्स। हालाकि सक्ती के जिला बनने के एक साल बाद इस पर पुलिस द्वारा जरूर कुछ लगाम गलाया गया था। परंतु एक बार फिर सुत्रों के हावले से खबर है कि आज आइपीएल के शुरू होते ही पान की गुमटी से लेकर बंद कमरों में बड़े पैमाने पर सक्ती में हाईटेक तरीके से सटोरिये दांव लगवाते नजर आऐंगे।